भीष्म पितामह ने कुरु वंश के लिए धृतराष्ट्र का विवाह गांधार राजकुमारी गांधारी से कराया। गांधारी को पहले नहीं बताया गया था कि धृतराष्ट्र अंधे हैं। जब पता चला तो उन्होंने पतिव्रत-धर्म में आँखों पर पट्टी
धृतराष्ट्र का विवाह गांधार देश की राजकुमारी गांधारी से करवाने में भीष्म पितामह की प्रमुख भूमिका थी।
इसके पीछे कुरु वंश की राजनैतिक और वंश-परंपरा की आवश्यकताएँ थीं।