बटुक भैरव का ध्यान श्लोक: 'वन्दे बालं स्फटिक-सदृशम्, कुन्तलोल्लासि-वक्त्रम्...' — यह उनके स्फटिक जैसे शुद्ध, त्रिनेत्रधारी, शूल-दण्ड धारी बाल स्वरूप का वर्णन करता है।
बटुक भैरव के सात्त्विक बाल स्वरूप का ध्यान श्लोक (वन्दे बालं) इस प्रकार है: वन्दे बालं स्फटिक-सदृशम्, कुन्तलोल्लासि-वक्त्रम्।