ध्यान अनुभव
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ध्यान करते समय रोने की इच्छा क्यों होती है?
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संक्षिप्त उत्तर
दबी भावनाएं release (शुद्धि), भक्ति प्रेमाश्रु (मीरा/चैतन्य), अनाहत सक्रिय, कुंडलिनी transition। सामान्य+शुभ। रोकें नहीं! बहने दें → हल्कापन+शांति = healing।
ध्यान में रोना = भावनात्मक शुद्धि — सामान्य + शुभ: कारण: 1। दबी भावनाएं: जीवनभर = दुख/तनाव/भय = शरीर+मन में संग्रहित।
ध्यान = 'ढक्कन खुला' → भावनाएं बाहर = रोना = शुद्धि। भक्ति: ईश्वर निकटता = प्रेम → प्रेमाश्रु = भक्ति का सर्वोच्च रूप (मीरा/चैतन्य)।
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