ध्यान अनुभव
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ध्यान में आज्ञा चक्र पर स्पंदन होने का क्या अर्थ है?
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संक्षिप्त उत्तर
तीसरी आंख सक्रिय। Intuition↑, गुरु कृपा, अंतर्दृष्टि। भ्रूमध्य कंपन/दबाव/गर्मी। 'ॐ' जप, त्राटक। जबरदस्ती नहीं। अत्यधिक = grounding।
आज्ञा चक्र स्पंदन = तीसरी आंख सक्रिय: अर्थ: 1। सक्रियता: आज्ञा (भ्रूमध्य) = 6वां चक्र → स्पंदन = जागृत हो रहा।
'नीला = आज्ञा चक्र' — स्पंदन + नीला = आज्ञा सक्रिय। तीसरी आंख: आज्ञा = अंतर्दृष्टि/intuition → स्पंदन = intuition ↑।
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