ध्यान अनुभव
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ध्यान में अनाहत नाद सुनाई देने का क्या अर्थ है?
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संक्षिप्त उत्तर
'बिना आघात ध्वनि' = आंतरिक। हठ योग: 10 नाद (चिनी→ॐ)। अनाहत/हृदय सक्रिय। नाद योग: 'सुनना=सर्वोत्तम।' ध्वनि में डूबें→शून्य ओर। कृष्ण बांसुरी=भक्ति। गुरु confirm।
अनाहत नाद = बिना आघात ध्वनि — सर्वशुभ: हठ योग प्रदीपिका (10 नाद — ID 720): 1। चिनी (टिड्डी) → 2।
अर्थ: 'अनाहत' = 'बिना टकराव' = कोई बाहरी स्रोत नहीं → आंतरिक ध्वनि = ब्रह्मांड मूल कंपन। संकेत: - अनाहत चक्र (हृदय) = सक्रिय।
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