ध्यान अनुभव
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ध्यान में अपने पूर्व जन्म के दर्शन होना संभव है क्या?
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संक्षिप्त उत्तर
हां — पतंजलि (3.18): 'संस्कार साक्षात्कार = पूर्वजन्म ज्ञान।' गहन ध्यान, कुंडलिनी, regression। कल्पना vs वास्तविक = भेद कठिन। 'वर्तमान>अतीत।' बुद्ध = 550 जन्म।
पूर्व जन्म = शास्त्रीय प्रमाण — हां: पतंजलि (3। 18): 'संस्कारसाक्षात्करणात् पूर्वजातिज्ञानम्' — संस्कार साक्षात्कार = पूर्वजन्म ज्ञान।
गहन ध्यान → अवचेतन → संस्कार (पूर्व जन्म छाप) → दर्शन/स्मृति। कुंडलिनी → आज्ञा/सहस्रार = अतीत accessible।
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