दिव्यास्त्र
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दिव्यास्त्र प्राप्त करना केवल शक्ति अर्जन नहीं बल्कि जिम्मेदारी भी था — कैसे?
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संक्षिप्त उत्तर
दिव्यास्त्र की जिम्मेदारी थी कि योद्धा को चलाने के साथ वापस लेने का मंत्र भी सीखना होता था। अन्यथा अश्वत्थामा की तरह अनर्थ हो सकता था।
इन अस्त्रों को प्राप्त करना केवल शक्ति अर्जित करना नहीं था बल्कि एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी थी।
योद्धा को न केवल अस्त्र चलाने का मंत्र बल्कि उसे वापस लेने का मंत्र भी सीखना होता था।
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