दोपहर में पूजा की जा सकती है — यह निषेध नहीं है। प्रातःकाल सर्वश्रेष्ठ, संध्या काल दूसरा उत्तम समय है। शिव पूजा के लिए मध्याह्न भी शुभ माना जाता है। भोजन के तुरंत बाद और राहुकाल में पूजा से बचें।
पूजा का समय शास्त्रों में विस्तार से बताया गया है।
सामान्यतः प्रातःकाल और संध्या काल पूजा के प्रमुख समय माने गए हैं, परंतु दोपहर में पूजा पूर्णतः निषेध नहीं है। शास्त्रीय पूजा समय: 1।