दुर्गा का मूल बीज है 'दुं'। सर्वप्रमुख नवार्ण मंत्र है 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे' — 9 अक्षर, तीन शक्तियों (महाकाली-महालक्ष्मी-महासरस्वती) का संयुक्त मंत्र। सप्तशती पाठ से पहले 108 नवार्ण जप अ
दुर्गा के बीज मंत्रों का वर्णन शाक्त तंत्र परंपरा और दुर्गा सप्तशती के साधना खंड में मिलता है: 1।
दुर्गा का मूल बीज मंत्र: > दुं (Duṃ) यह दुर्गा का एकाक्षर (एक अक्षर) बीज मंत्र है।