दुर्गा सप्तशती = मार्कंडेय पुराण का विशिष्ट अंश। 700 श्लोक, 13 अध्याय। देवी माहात्म्य या चंडी पाठ भी कहते हैं। शाक्त परंपरा का मूल आधार। महिषासुर वध का ओजस्वी वर्णन। नित्य पाठ से आध्यात्मिक सुरक्षा, स
महर्षि मार्कंडेय द्वारा रचित 'दुर्गा सप्तशती' (जिसे देवी माहात्म्य या चंडी पाठ भी कहा जाता है) का सस्वर पाठ करना संपूर्ण अनुष्ठान का प्राण माना गया है।
मार्कंडेय पुराण का यह विशिष्ट अंश ७०० श्लोकों का एक अत्यंत जाग्रत और शक्तिशाली मंत्र-समूह है, जो १३ अध्यायों में विभक्त है।