'एकादशी' का मतलब है शरीर और मन की 11 इंद्रियों पर काबू पाकर भगवान की भक्ति में ध्यान लगाना।
'एकादशी' शब्द संस्कृत के 'एकादश' से बना है, जिसका अर्थ है 'ग्यारह'।
दार्शनिक और आध्यात्मिक दृष्टि से इसका सीधा संबंध मनुष्य की ग्यारह इंद्रियों से है—पाँच ज्ञानेंद्रियाँ (आँख, कान, नाक, जीभ, त्वचा), पाँच कर्मेंद्रियाँ (वाणी, हाथ, पैर, गुदा, जननेंद्रिय) और ग्यारहवां तत