एकादशी, द्वादशी, संक्रांति, रविवार और ग्रहण पर तुलसी पत्र तोड़ना निषिद्ध। समाधान: एक दिन पहले (दशमी) को तोड़कर रख लें। तुलसी पत्र 11 दिन तक बासी नहीं — गंगाजल से धोकर पुनः उपयोग कर सकते हैं।
एकादशी, द्वादशी, संक्रांति, रविवार, और सूर्य/चंद्र ग्रहण के दिन तुलसी पत्र तोड़ना सर्वथा निषिद्ध है।
अतः पूजा के लिए आवश्यक तुलसी पत्र एक दिन पूर्व (दशमी को) ही तोड़ कर रख लेने चाहिए।