पारण विधि
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एकादशी का व्रत कैसे खोलें (पारण का समय) और 'हरिवासर' का नियम क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
व्रत अगले दिन (द्वादशी) की सुबह सूरज निकलने के बाद ही खोलना चाहिए। द्वादशी के शुरुआती समय ('हरिवासर') में व्रत नहीं खोलते। व्रत खोलने के लिए चरणामृत और तुलसी का इस्तेमाल करना चाहिए।
एकादशी के व्रत का पारण (व्रत खोलना) हमेशा अगले दिन यानी 'द्वादशी तिथि' में ही होना चाहिए, वह भी सूर्योदय के बाद।
पारण करते समय 'हरिवासर' का ध्यान रखना जरूरी है। द्वादशी तिथि के शुरुआती एक-चौथाई भाग को 'हरिवासर' कहते हैं, इस समय व्रत खोलना मना है।
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