एकादशी व्रत खोलने (पारण) का सही समय और नियम क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
व्रत अगले दिन (द्वादशी) हरि वासर बीतने के बाद खोलना चाहिए। व्रत खोलने से पहले ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिए। व्रत हमेशा 'चावल' खाकर खोलना चाहिए, क्योंकि द्वादशी को चावल भगवान का प्रसाद बन जाता है।
एकादशी व्रत का पारण (व्रत खोलना) हमेशा अगले दिन यानी 'द्वादशी तिथि' के समाप्त होने से पहले करना चाहिए।
पारण करते समय 'हरि वासर' (द्वादशी का शुरुआती समय) का बीतना बहुत जरूरी है; हरि वासर में व्रत खोलना मना है।