गजेंद्र (जीवात्मा) को मगरमच्छ (संसार बंधन) पकड़ता है। अपनी शक्ति, परिवार — सब असफल। अंत में पूर्ण शरणागति ('ॐ नमो भगवते') → विष्णु तुरंत आए, मुक्त किया। शिक्षा: अहंकार त्यागकर पूर्ण समर्पण ही एकमात्र
गजेंद्र मोक्ष भागवत पुराण (स्कंध 8, अध्याय 2-4) की अत्यंत मर्मस्पर्शी और शिक्षाप्रद कथा है।
कथा: गजेंद्र (हाथियों का राजा) अपने परिवार सहित सरोवर में जल क्रीड़ा कर रहा था। एक मगरमच्छ ने उसका पैर पकड़ लिया।