गजेन्द्र (हाथियों का राजा) सरोवर में जल पीने गया → ग्राह (मगरमच्छ) ने पाँव पकड़ा → हज़ारों वर्ष संघर्ष → परिवार ने भी छोड़ा → परब्रह्म की स्तुति → भगवान गरुड़ पर आए → सुदर्शन चक्र से ग्राह का वध → गजे
गजेन्द्र मोक्ष की कथा भागवत पुराण के अष्टम स्कंध में वर्णित है।
त्रिकूट पर्वत पर रहने वाला हाथियों का राजा गजेन्द्र जब एक सरोवर में जल पीने गया, तो एक अत्यंत बलवान ग्राह (मगरमच्छ) ने उसका पैर पकड़ लिया।