पुराणों में गंगा 'पापनाशिनी' है, पर शर्त: सच्चा पश्चाताप + पुनः पाप न करने का संकल्प + श्रद्धा भाव। कबीर: बिना राम नाम जप तीर्थ व्यर्थ। केवल शारीरिक स्नान पर्याप्त नहीं — मन की शुद्धि अनिवार्य है।
गंगा स्नान से पाप नाश की मान्यता अत्यंत प्राचीन और व्यापक है — पुराणों में गंगा को 'पापनाशिनी' कहा गया है।
परंतु इस विषय की गहन और सम्यक समझ आवश्यक है। पुराणों में गंगा महात्म्य: - स्कंद पुराण में गंगा को 'मोक्षदायिनी' कहा गया है।