तीर्थ
?
गंगा स्नान का पुण्य क्या मिलता है?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
गंगा=पापनाशिनी(स्कंद पुराण)। 1 डुबकी=सभी पाप क्षय। मोक्ष(विष्णु चरणोदक), पितृ तृप्ति, रोग मुक्ति(एंटीबैक्टीरियल), शांति। कुंभ/संक्रांति=करोड़ गुना। गंगाजल कभी खराब नहीं।
गंगा = पापनाशिनी, मोक्षदायिनी (स्कंद पुराण)। पुण्य/लाभ (शास्त्रीय): 1। सभी पापों का नाश — एक डुबकी = जन्म-जन्मांतर पाप क्षय।
मोक्ष मार्ग — गंगा = विष्णु चरणोदक = मोक्ष सहायक। पितृ तृप्ति — गंगा में तर्पण = पितरों को सीधा मोक्ष।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG