स्तोत्र विधि
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गणपति अथर्वशीर्ष 21 बार पढ़ने से क्या होता है?
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संक्षिप्त उत्तर
संकष्टी पर 21 बार=दोगुना फल, बिगड़े काम बनें। अथर्वशीर्ष: 1000 बार=सभी कामना सिद्ध। महाविघ्न/महापाप मुक्ति। दैनिक 1, बुधवार विशेष। विद्यार्थी/व्यापारी/सभी।
गणपति अथर्वशीर्ष = अथर्ववेद का उपनिषद — गणेश को समर्पित सबसे शक्तिशाली वैदिक स्तोत्र। 21 बार पाठ: - संकष्टी चतुर्थी पर 21 बार = दोगुना फल।
- सभी बिगड़े काम बनने लगते हैं। - अशुभ ग्रह (राहु/केतु/शनि) शांत। - गणेश कृपा अत्यंत शीघ्र।
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