भागवत पुराण (5.26) में 28, गरुड़ पुराण में 21-28 नरक वर्णित हैं। प्रमुख: तामिस्र, रौरव, कुम्भीपाक, कालसूत्र, वैतरणी आदि — प्रत्येक विशिष्ट पाप से संबंधित। हिंदू धर्म में नरक अस्थायी है — पाप भोगकर पुन
गरुड़ पुराण और भागवत पुराण (स्कंध 5, अध्याय 26) में नरकों का विस्तृत वर्णन है। विभिन्न ग्रंथों में नरकों की संख्या भिन्न-भिन्न बताई गई है।
नरकों की संख्या: 1। 26) — 28 प्रमुख नरक। यह सबसे प्रामाणिक और व्यवस्थित सूची मानी जाती है।