गरुड़ पुराण प्रेतकल्प: यमदूत आत्मा ले जाते हैं → 10 दिन पिंडदान से प्रेत शरीर → 86,000 योजन यम मार्ग → वैतरणी नदी (गोदान से पार) → चित्रगुप्त का कर्म लेखा → यम न्याय → स्वर्ग/नरक/पुनर्जन्म। अंत्येष्टि
गरुड़ पुराण वैष्णव पुराणों में से एक है। इसका 'प्रेतकल्प' (या प्रेतखंड) मृत्यु के बाद की यात्रा का सबसे विस्तृत पौराणिक वर्णन है।
यह ग्रंथ भगवान विष्णु और गरुड़ के संवाद के रूप में है। मृत्यु के बाद का वर्णन (संक्षेप): 1। यमदूतों का आगमन — मृत्यु के समय यमदूत आते हैं।