मृत्यु→यमदूत→सूक्ष्म शरीर→86,000 योजन कठिन मार्ग→वैतरणी नदी (गो-दान से पार)→यमराज दरबार→चित्रगुप्त कर्म लेखा→स्वर्ग/नर्क/पुनर्जन्म। 10 दिन यात्रा = दशगात्र अनुष्ठान।
गरुड़ पुराण (प्रेतखंड) में मृत्यु के बाद आत्मा की यमलोक यात्रा का विस्तृत वर्णन है। यात्रा का क्रम: 1।
मृत्यु: प्राण निकलने पर यमदूत आत्मा को लेने आते हैं। सूक्ष्म शरीर: आत्मा अंगूठे के बराबर सूक्ष्म शरीर (यातना शरीर) धारण करती है।