गौरी-शंकर पूजा आंतरिक ऊर्जा का संतुलन स्थापित करती है जिससे ग्रह क्लेश धीरे-धीरे दूर होता है — विशेषतः विवाह कारक शुक्र ग्रह के दोषों का प्रभाव कम होता है।
दांपत्य-सौभाग्य के मार्ग में अक्सर ग्रहों के क्लेश या आंतरिक दोष बाधा उत्पन्न करते हैं।
गौरी-शंकर पूजा सीधे ग्रहों के क्लेश को धीरे-धीरे पिघलाने लगती है।