गीता में मोक्ष के मुख्य मार्ग हैं — ज्ञानयोग (4/37), भक्तियोग (12/7) और शरणागति (18/66)। अंतिम संदेश में श्रीकृष्ण कहते हैं — केवल मेरी शरण आओ, मैं तुम्हें सभी पापों से मुक्त करूँगा।
गीता में मोक्ष का मार्ग गीता में मोक्ष की परिभाषा: मोक्ष = जन्म-मरण के चक्र से सम्पूर्ण मुक्ति + परमात्मा में विलय/सान्निध्य।
गीता में बताए गए मोक्ष-मार्ग: 1। ज्ञानयोग द्वारा मोक्ष (4/36-38) *'न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते।