गीता 11: अर्जुन ने कृष्ण का विश्वरूप देखा — समस्त सृष्टि, काल, देवता एक शरीर में। कृष्ण: 'कालोऽस्मि' (11.32)। महत्व: ईश्वर सर्वव्यापी प्रमाणित, अर्जुन का संदेह/अहंकार मिटा, दिव्य दृष्टि = ईश्वर कृपा।
गीता अध्याय 11 (विश्वरूप दर्शन योग) में अर्जुन ने कृष्ण का विराट (विश्वरूप) दर्शन किया — यह गीता का सबसे रोमांचक और भयावह अध्याय है।
क्या देखा अर्जुन ने (11। 9-31): - अनंत मुख, आंखें, अस्त्र, आभूषण। - समस्त सृष्टि — देवता, प्राणी, लोक — एक ही शरीर में।