श्राद्ध एवं पितर
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घंटाकर्ण हृद में पितृ तर्पण का क्या महत्त्व है?
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संक्षिप्त उत्तर
स्कंद पुराण के अनुसार इस तीर्थ पर श्राद्ध करने से सात पीढ़ियों के नरकवासी पूर्वजों का उद्धार होता है। पितर स्वयं कामना करते हैं कि कोई वंशज इस जल से तिलांजलि दे। अन्न-दान और औषधि-दान विशेष पुण्यदायी।
स्कंद पुराण काशी खंड (अध्याय ५३-५४) के अनुसार, घंटाकर्ण हृद में किया गया श्राद्ध और तर्पण सामान्य तीर्थों से कहीं अधिक प्रभावशाली है।
पुराण कहता है — 'इस महान तीर्थ पर विधिवत श्राद्ध करने वाला भक्त सात पूर्वजों का उद्धार करता है, भले ही वे नरक की घोर यातनाओं में हों।
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