हाँ, हवन से वास्तु दोष कम होता है — वातावरण शुद्धि, ऊर्जा संतुलन और वास्तु मंत्रों का प्रभाव। आग्नेय कोण में वास्तु शांति मंत्रों से हवन करें। वर्ष में 1-2 बार अवश्य। परंतु गंभीर संरचनात्मक दोष के लिए
हवन (यज्ञ/होम) वैदिक परंपरा का मूलभूत अंग है। अथर्ववेद और यजुर्वेद में गृह शांति और वातावरण शुद्धि के लिए अनेक हवन विधियां वर्णित हैं।