गीता महात्म्य (पद्म/वराह पुराण): प्रत्येक अध्याय का विशेष फल। 12वाँ (भक्ति) और 15वाँ (पुरुषोत्तम) विशेष महत्वपूर्ण। 18वाँ अध्याय = मोक्ष/शरणागति। सम्पूर्ण पाठ सर्वोत्तम। 'गीता सुगीता कर्तव्या' — गीता
गीता के प्रत्येक अध्याय के पाठ से मिलने वाले फल का वर्णन गीता महात्म्य (पद्म पुराण और वराह पुराण) में मिलता है।
भगवान शिव ने पार्वती को यह फल बताए हैं। 18 अध्यायों के फल (संक्षेप): 1। अर्जुन विषाद योग — संसार बंधन से मुक्ति, विवेक जागरण।