ज्योतिष दर्शन
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ग्रह दोष और कर्म दोष में क्या संबंध?
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संक्षिप्त उत्तर
ग्रह दोष=कर्म दोष का प्रतिबिंब। कुंडली=कर्मों का नक्शा। ग्रह=डाकिया, कर्म=पत्र — ग्रह कर्मफल पहुँचाते। मंत्र/दान=तीव्रता कम। मूल समाधान=कर्म सुधार। अच्छे कर्म=शुभ ग्रह।
ग्रह दोष = कर्म दोष का प्रतिबिंब। ज्योतिष शास्त्र + गीता दोनों यही कहते: संबंध: कुंडली = कर्मों का नक्शा।
जन्म समय ग्रह स्थिति = पूर्व कर्मों का लेखा-जोखा। ग्रह दोष = पूर्व जन्म/इस जन्म के अशुभ कर्मों का फल जो ग्रहों के माध्यम से प्रकट।
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