ज्योतिष दर्शन
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ग्रह दोष और पितृ दोष में क्या संबंध?
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संक्षिप्त उत्तर
पितृ दोष=विशेष ग्रह दोष। सूर्य/चंद्र/9वें पर राहु-केतु-शनि=संकेत। पूर्वजों अतृप्ति=कुंडली ग्रह दोष। उपाय: श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान, कौवा/गाय रोटी। पितर तृप्ति=ग्रह दोष कम।
पितृ दोष = एक विशेष प्रकार का ग्रह दोष — पूर्वजों के अतृप्त कर्मों/ऋणों का प्रभाव वंशजों पर।
कुंडली में पितृ दोष: सूर्य (पिता) / चंद्र (माता) / 9वाँ भाव (पितृ भाव) — इन पर राहु/केतु/शनि दृष्टि/युति = पितृ दोष संकेत।
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