ग्रहण विधि
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ग्रहण काल में तुलसी का पत्ता भोजन में क्यों रखते हैं?
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संक्षिप्त उत्तर
तुलसी ग्रहण: पवित्रतम, राहु निष्क्रिय। वैज्ञानिक: एंटीबैक्टीरियल (यूजेनॉल), प्राकृतिक preservative। दूध-दही-पानी सबमें। सूतक से पहले डालें, ग्रहण में न तोड़ें।
ग्रहण में भोजन-जल में तुलसी पत्र: धार्मिक: तुलसी = सर्वाधिक पवित्र पौधा। ग्रहण = राहु प्रभाव — तुलसी नकारात्मकता निष्क्रिय।
शास्त्र: तुलसी युक्त अन्न सदा पवित्र। वैज्ञानिक: तुलसी में यूजेनॉल, कैम्फीन = प्रबल एंटीबैक्टीरियल + एंटीवायरल।
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