गृहस्थ मोक्ष संभव और श्रेष्ठ — राजा जनक प्रमाण। गीता 3.4-7 — निष्काम कर्मी गृहस्थ अकर्मण्य संन्यासी से श्रेष्ठ। उपाय: निष्काम कर्म, ईश्वरार्पण, भक्ति, सेवा, स्वाध्याय, कमल पत्र जैसे संसार में रहो पर च
गृहस्थ जीवन में मोक्ष प्राप्ति न केवल संभव है, बल्कि शास्त्रों में इसे अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। शास्त्रीय प्रमाण: 1।
4-7 — कृष्ण ने स्पष्ट कहा कि कर्म न करने से (संन्यास मात्र से) सिद्धि नहीं मिलती।