सावधानियाँ और नियम
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बटुक भैरव साधना में गुरु की जरूरत क्यों है?
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संक्षिप्त उत्तर
गुरु के बिना तांत्रिक साधना में त्रुटि की संभावना रहती है — गुरु ही दीक्षा, सही विधान और भैरव का आदेश प्रदान करता है। चूक की जिम्मेदारी साधक की होती है।
तांत्रिक साधना एक जटिल और गहन प्रथा है। ग्रंथों के अनुसार, यह केवल एक योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही की जानी चाहिए।
प्रामाणिक मंत्रों का सही ज्ञान और उनकी शक्ति गुरु के मुख से प्राप्त होने पर ही सुनिश्चित होती है।
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शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
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