'गुरु' शब्द का अर्थ: 'गु' = अज्ञान रूपी अंधकार, 'रु' = ज्ञान रूपी प्रकाश — गुरु वह सार्वभौमिक तत्त्व है जो अज्ञान के अंधकार को ज्ञान के प्रकाश से नष्ट करता है।
गुरु कोई व्यक्ति मात्र नहीं, अपितु एक सार्वभौमिक तत्त्व है, जो अज्ञान रूपी अंधकार ('गु') को ज्ञान रूपी प्रकाश ('रु') से नष्ट करता है।