हरियाली तीज श्रावण शुक्ल तृतीया को होती है। सोलह श्रृंगार, हरे वस्त्र, प्रदोष काल में गणेश-शिव-पार्वती पूजा, कथा श्रवण, झूला और मेहंदी इसके मुख्य अंग हैं। निर्जला व्रत रखकर अगले दिन पारण करें।
हरियाली तीज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इसे श्रावणी तीज भी कहते हैं।
यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का उत्सव है।