हिंदू धर्म में तपस्या शरीर, वाणी और मन की शुद्धि, इंद्रिय-निग्रह तथा आध्यात्मिक शक्ति प्राप्ति के लिए की जाती है। गीता (17/14-16) में शारीरिक, वाचिक और मानसिक — तीन प्रकार के तप का वर्णन है।
हिंदू धर्म में तपस्या क्यों की जाती है? तपस्या का अर्थ: संस्कृत 'तप्' धातु से निर्मित 'तप' का अर्थ है — उष्णता, ताप, जलाना।
तपस्या वह साधना है जिसमें शरीर, वाणी और मन को कठोर अनुशासन में रखकर आत्मिक शक्ति एवं शुद्धि प्राप्त की जाती है। तपस्या के उद्देश्य: 1।