हिंसा करने वाले को — कुंभीपाक (खौलता तेल), क्रीमिक (कीट), सूलप्रोत (लोहे के शूल), लोहशंकु (लोहे की कीलें)। 'जो करोगे वही भोगोगे' — पुनर्जन्म में शिकार बनना।
गरुड़ पुराण में हिंसा के विभिन्न रूपों के लिए विशेष नरकों का विधान है।
कुंभीपाक — 'हिंसा को जीवन का हिस्सा बना लेने वालों की आत्मा को कुंभीपाक नरक में भेजा जाता है। यहाँ आत्मा को खौलते हुए तेल में डाला जाता है।