रंग अर्थ: कृष्ण-गोपी लीला, समानता (सब एक=अद्वैत), जीवन रंग (अनुभव स्वीकार), बुराई बाद अच्छाई उत्सव, वसंत-प्रकृति एकत्व, क्षमा+नवीनता ('बुरा न मानो')। प्राकृतिक रंग (टेसू/हल्दी) प्रयोग।
होली पर रंग खेलने का गहन आध्यात्मिक अर्थ: 1। कृष्ण लीला: भागवत: कृष्ण ने गोपियों के साथ ब्रज में रंग-गुलाल खेला।
'होरी खेलत नंदलाल, बरसाने में' — यह कृष्ण की दिव्य लीला का पुनराभिनय।