त्योहार पूजा
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होलिका दहन में गोबर के उपले क्यों जलाते हैं?
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संक्षिप्त उत्तर
उपले: गोमय=पवित्रतम ईंधन (33 करोड़ देवता), वायु शुद्धि (NBRI: जीवाणुनाशक धूम), ऋतु परिवर्तन शुद्धि (शीत→वसंत), कृषि (नई फसल भूनना=होला), पर्यावरण मित्र (renewable)। भरभोलिये=सामुदायिक एकता।
होलिका दहन में गोबर के उपले (कण्डे/गोयठे) जलाने का विशेष कारण: 1। गोमय = पवित्रतम ईंधन: गाय में 33 करोड़ देवताओं का वास।
गोबर = गाय का उत्पाद = पवित्र। गोबर उपले से प्रज्वलित अग्नि = पवित्रतम अग्नि। होलिका = धार्मिक अग्नि — पवित्र ईंधन अनिवार्य।
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