जनकपुर राजा जनक (विदेह/मिथिलेश) की राजधानी थी। जनक विदेह वंश के प्रतापी, विरक्त राजा थे। सीताजी उन्हीं की पुत्री थीं — इसीलिये 'जानकी' और 'वैदेही' कहलाती हैं।
जनकपुर राजा जनक (विदेह/मिथिलेश) की राजधानी थी। बालकाण्ड में कहा — 'हरषि चले मुनि बृंद सहाया।
बेगि बिदेह नगर निअराया' — मुनिबृन्दके साथ प्रसन्न होकर चले और शीघ्र ही विदेह (जनक) की नगरीके निकट आ गये।