वर्ण = गुण-कर्म आधारित (गीता 4.13), 4 वर्ण, परिवर्तनीय। जाति = जन्म आधारित, हजारों उप-जातियाँ, अपरिवर्तनीय। जाति व्यवस्था वर्ण की विकृति है। गीता: 'चातुर्वर्ण्यं गुणकर्मविभागशः' — जन्म से नहीं, गुण-कर
जाति और वर्ण — ये दो भिन्न अवधारणाएँ हैं जिन्हें अक्सर एक मान लिया जाता है। वर्ण व्यवस्था (Varna System): 1।