जब कुंडली के सभी 7 ग्रह किसी एक खास स्वभाव (चर, स्थिर या द्विस्वभाव) वाली राशियों का ही 'आश्रय' (सहारा) ले लें, तो उसे आश्रय योग कहते हैं (जैसे नल योग)।
ज्योतिष के 32 नाभस योगों में से तीन 'आश्रय योग' होते हैं। 'आश्रय' का मतलब है 'सहारा लेना'।
जब कुंडली के सारे ग्रह किसी एक ही स्वभाव वाली राशि का आश्रय लेते हैं, तो यह योग बनता है।