दार्शनिक आधार
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कहल योग में 'चतुर्थ भाव' (सुख/सिंहासन) का क्या महत्व है?
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संक्षिप्त उत्तर
चतुर्थ भाव व्यक्ति के जीवन में मानसिक शांति, जमीन-जायदाद, 'सिंहासन' और 'जनता' (पब्लिक) का प्रतिनिधित्व करता है। राजनीति में यही भाव जनता का समर्थन दिलाता है।
वैदिक ज्योतिष में चतुर्थ भाव मनुष्य के जीवन की आंतरिक नींव है।
यह जातक की मानसिक शांति, माता का सुख, जन्मभूमि, अचल संपत्ति और सबसे महत्वपूर्ण रूप से 'जनता' (Masses) का प्रतिनिधित्व करता है।
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