कालीकुल: बिना दीक्षा काली मंत्र = स्वयं हानि। मुख्य मंत्र: 'ॐ क्रीं काल्यै नमः' (9 अक्षर = 9 लाख पुरश्चरण)। काल: अमावस्या, कालरात्रि, दीपावली रात्रि। वस्त्र: काला/लाल। माला: रुद्राक्ष। भोग: लाल गुड़हल
काली मंत्र सिद्धि — अत्यंत गहन और अनुशासित तांत्रिक साधना: काली के प्रमुख मंत्र: 1। काली बीज: 'क्रीं' — एकाक्षरी मंत्र 2।