स्तोत्र एवं पाठ
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कनकधारा स्तोत्र से धन कैसे आता है
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संक्षिप्त उत्तर
शंकराचार्य रचित; 'सोने की वर्षा।' गरीब ब्राह्मणी → आंवला दान → सोने आंवले बरसे। लक्ष्मी कृपा, दरिद्रता नाश, अवसर। शुक्रवार/दीवाली। शिक्षा: दान=धन।
कनकधारा = 'सोने की वर्षा'; आदि शंकराचार्य रचित; माता लक्ष्मी स्तुति; 21 श्लोक।
कथा: बाल शंकर भिक्षा मांगने गए → गरीब ब्राह्मणी के पास एक सूखा आंवला ही था → दे दिया → शंकर प्रसन्न → कनकधारा पाठ → लक्ष्मी ने सोने के आंवले बरसाए।
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