चन्द्र दर्शन क्यों: चन्द्र = अमरता प्रतीक (क्षय बाद पुनः पूर्ण), शिव मस्तक (शिव-पार्वती पर्व), चतुर्थी तिथि देवता। कथा: वीरवती ने बिना चन्द्र देखे व्रत खोला → पति मृत्यु → सही चन्द्रोदय पर पारण → पति
करवा चौथ पर चन्द्र दर्शन के बाद ही व्रत खोलने के पीछे गहन धार्मिक और प्रतीकात्मक कारण हैं: 1।
चन्द्रमा = अमरता का प्रतीक: चन्द्रमा क्षय-वृद्धि (घटना-बढ़ना) के बावजूद कभी नष्ट नहीं होते — वे पुनः पूर्ण होते हैं।