लग्न विश्लेषण
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कर्क लग्न में धर्म-कर्माधिपति योग के फल?
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संक्षिप्त उत्तर
कर्क लग्न में गुरु और मंगल की मित्रता से यह योग बनता है। ऐसा व्यक्ति बहुत बड़ा लीडर, ज्ञानी और ऊंचे सरकारी पद पर बैठने वाला होता है।
कर्क लग्न के लिए यह योग परम शुभ होता है। इसमें नवमेश देवगुरु बृहस्पति और दशमेश मंगल होते हैं, जो नैसर्गिक परम मित्र हैं।
जब मंगल और गुरु का संबंध बनता है, तो जातक न केवल उच्च राजकीय पद प्राप्त करता है, बल्कि वह ज्ञान, आध्यात्म और नेतृत्व के क्षेत्र में समाज का मार्गदर्शक बनता है।
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