आत्मा और मोक्ष
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कर्म योग से मोक्ष कैसे प्राप्त होता है गीता अनुसार
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संक्षिप्त उत्तर
कर्म योग: गीता 2.47 — कर्म करो, फल की चिंता छोड़ो। कर्म ईश्वर को अर्पित (9.27), सुख-दुख में समान (2.48), स्वधर्म पालन (3.35)। निष्काम कर्म → चित्त शुद्धि → ज्ञान → मोक्ष। कमल पत्र जैसे — कर्म करो पर ल
कर्म योग भगवद्गीता का सबसे प्रसिद्ध और व्यावहारिक शिक्षण है। गृहस्थ जीवन में रहते हुए मोक्ष प्राप्त करने का मार्ग। मूल सिद्धांत — गीता 2।
47: 'कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि। ' — तेरा अधिकार कर्म करने में है, फल में कभी नहीं।
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