कर्ज के जाल से शीघ्र बाहर निकलने के लिए मंगल देव के मंत्र 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' और गणेश जी के 'ऋणहर्ता मंत्र' का नियमित रूप से जप करना रामबाण उपाय है।
भारी कर्ज (ऋण) के बोझ तले दब जाना व्यक्ति के मानसिक और पारिवारिक जीवन को नष्ट कर देता है।
ज्योतिष और तंत्र शास्त्र में कर्ज से मुक्ति के लिए मुख्य रूप से दो देवताओं—भगवान गणेश (विघ्नहर्ता) और मंगल देव (भूमि और ऋण के कारक) की उपासना को रामबाण माना गया है।