देव कथा
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कृष्ण को मक्खन प्रिय क्यों — आध्यात्मिक अर्थ?
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संक्षिप्त उत्तर
दूध मथो=मक्खन(सार)। साधना=हृदय मंथन→भक्ति=मक्खन। शुद्ध+कोमल हृदय=कृष्ण निवास। चोरी=बिना माँगे हृदय चुराते। 'मक्खन नहीं, प्रेम चाहिए'—कृष्ण।
भौतिक: बालकृष्ण = गोपालक, गाय-दूध-मक्खन = दैनिक जीवन। बाल लीला = मक्खन चोरी = बालसुलभ आनंद। मक्खन = हृदय सार।
साधना (मंथन) करो = हृदय से भक्ति (मक्खन) निकलती। कृष्ण = भक्ति का भूखा। मक्खन = शुद्ध/नरम। शुद्ध+कोमल हृदय = कृष्ण निवास।
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